RPSC Statistical Officer Syllabus In Hindi 2026 PDF, राजस्थान सांख्यिकी अधिकारी सिलेबस पीडीऍफ़, RPSC SO Syllabus Pdf In Hindi में प्रदान कराने वाले है.
RPSC Statistical Officer Exam pattern In Hindi –
अब नीचे हम आपको RPSC Statistical Officer Ka Syllabus And Exam Pattern के बारे में बताने वाले है –
- Objective test
- merit list
- document Verification –
| भाग | विषय | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक | परीक्षा अवधि |
|---|---|---|---|---|
| भाग A | राजस्थान का सामान्य ज्ञान | 40 | 40 | |
| भाग B | संबधित विषय | 110 | 110 | |
| कुल | 150 | 150 | 2.30 घंटे |
- इस परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक होगा ।
- यह प्रश्न पत्र दो भोगो में जिसमे एक भाग राजस्थान जीके और दूसरा भाग संबधित विषय का होने वाला है.
- इसमें 150 Multiple Choice Type प्रश्न होंगे जो की 150 अंकों की होगी.
- rPSC SO प्रश्न-पत्र की परीक्षा अवधि दो घंटे 30 मिनट होगी ।
- इस पेपर में 1/3 की Negative marking के अनुसार अंक कटोती की जाएगी.
RPSC Statistical Officer Syllabus In Hindi-
अब तक हमने आपको RPSC Statistical Officer Exam Pattern के बारे बताया है और अब हम यंहा पर आपको RPSC Statistical Officer Syllabus In Hindi के बारे में स्टेप अनुसार बताने वाले है.
यदि राजस्थान एसओ परीक्षा का सिलेबस पीडीऍफ़ में आपको इस लेख में किसी प्रकार का संशय होतो फिर आप RPSC की ऑफिसियल वेब पोर्टल से भी देख सकते है.
भाग-अ: राजस्थान का सामान्य ज्ञान (40 प्रश्न):-
राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति –
- ऐतिहासिक राजस्थान: राजस्थान के प्रागैतिहासिक और आदियुगीन स्थल।
- ईसा पूर्व के शुरुआती महत्वपूर्ण ऐतिहासिक केंद्र।
- प्रमुख शासक: राजस्थान के प्रमुख राजपूत राजवंशों के प्रमुख शासक और उनकी उपलब्धियां और योगदान—गुहिल- सिसोदिया, चौहान, राठौड़ और कछवाहा।
- आधुनिक राजस्थान का उदय: 19 वी और 20 वीं शताब्दी के दौरान राजस्थान में सामाजिक जागृति के कारक।
- राजनीतिक जागृति: समाचार पत्रों और राजनीतिक संस्थाओं की भूमिका।
- 20वीं शताब्दी में विभिन्न रियासतों में प्रजामंडल आंदोलन।
- राजस्थान का एकीकरण।
- सामाजिक जीवन: मेले और त्यौहार; सामाजिक रीति-रिवाज और परंपराएँ;
- वेशभूषा और आभूषण,
- राजस्थान के व्यक्तित्व।
- कला: राजस्थान की स्थापत्य परंपरा—प्राचीन से आधुनिक काल तक के मंदिर, किले और महल। मध्यकाल में विकसित चित्रकला के विभिन्न स्कूल।
- शास्त्रीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य, लोक संगीत और वाद्य यंत्र;
- लोक नृत्य और नाटक।
- धार्मिक जीवन: राजस्थान में धार्मिक समुदाय, संत और संप्रदाय।
- राजस्थान के लोक देवता।
- भाषा एवं साहित्य: राजस्थानी भाषा की बोलियाँ, राजस्थानी भाषा का साहित्य और लोक साहित्य।

राजस्थान का भूगोल :-
- राजस्थान के प्रमुख भौतिक-विभाजन।
- जल निकासी की विशेषताएँ।
- मौसम की स्थिति।
- वनस्पति, वन और मिट्टी, प्राकृतिक संसाधन, खनिज, राजस्थान की पशुधन जनसंख्या।
- वन्य जीवन और इसका संरक्षण।
- पर्यावरण संरक्षण, सूखा और मरुस्थलीकरण, प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ।
- कृषि फसलें और समस्याएँ।
- जनसंख्या वृद्धि और जनजातियाँ, हस्तशिल्प और पर्यटन।
- गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों सहित ऊर्जा संसाधन।
- राजस्थान में कल्याण और विकास के लिए हाल ही में ली गई नई योजनाएँ और पहल।
भाग-ब: संबंधित विषय (110 प्रश्न)
सांख्यिकी (Statistics):-
| topics | विवरण |
|---|---|
| डेटा प्रबंधन और माप | • डेटा का संग्रहण • वर्गीकरण • सारणीकरण • रेखांकन प्रस्तुति |
| केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप | • माध्य • बहुलक • माध्यिका • हरात्मक माध्य • ज्यामितीय माध्य • गुणधर्म, अनुप्रयोग, गुण और दोष |
| अपकिरण के माप | • परास • माध्य विचलन • मानक विचलन • प्रसरण • अनुप्रयोग, गुणधर्म, गुण और दोष |
| आघूर्ण, विषमता और ककुदता | • अपरिष्कृत आघूर्ण • केन्द्रीय आघूर्ण • क्रमगुणित आघूर्ण • विषमता और ककुदता के विभिन्न माप • उनके गुणधर्म |
| सहसंबंध और समाश्रयण | • कार्ल पियर्सन और कोटि सहसंबंध गुणांक • बहु और आंशिक सहसंबंध (तीन चरों के लिए) • रेखीय समाश्रयण, समंजन, समाश्रयण गुणांक • गुणधर्म • समाश्रयण की दो रेखाओं के बीच कोण |
| प्रायिकता | • शास्त्रीय और अभिगृहीतीय दृष्टिकोण • सप्रतिबंध प्रायिकता • बेयस प्रमेय • यादृच्छिक चर और अनुप्रयोगों के साथ गणितीय प्रत्याशा |
| प्रायिकता बंटन | • असतत (Discrete): समरूप, प्वासों, चरघातांकी, आयताकार, ज्यामितीय, अति-ज्यामितीय, घात श्रृंखला बंटन, गुणधर्म और अनुप्रयोग • सतत (Continuous): प्रसामान्य, समरूप, बीटा, गामा, चरघातांकी, वाइबुल, लॉजिस्टिक, कॉशी बंटन, गुणधर्म और अनुप्रयोग • केन्द्रीय सीमा प्रमेय |
| प्रतिचयन बंटन | • काई-स्क्वायर, t और F बंटन (केन्द्रीय और गैर-केन्द्रीय) • गुणधर्म और अनुप्रयोग |
| बहुचर विश्लेषण | • बहुचर प्रसामान्य बंटन • हॉटलिंग का T² • विभेदक विश्लेषण • विशार्ट बंटन और उसके गुणधर्म |
| आकलन सिद्धांत | • बिंदु और अन्तराल आकलन • आकलक के गुणधर्म • न्यूनतम वर्ग और अधिकतम संभाव्यता आकलक • क्रैमर-राव असमानता • ब्लैकवेल प्रमेय • बड़े नमूनों के लिए विश्वास्यता अन्तराल और सीमाएँ |
| परिकल्पना का परीक्षण | • परिकल्पना की अवधारणा • त्रुटि के प्रकार • क्रांतिक क्षेत्र और सार्थकता का स्तर • नेमन पीयरसन लेम्मा • दो-पुच्छ परीक्षण • संभाव्यता अनुपात परीक्षण |
| अप्राचल परीक्षण (Non-Parametric Tests) | • रन टेस्ट • साइन टेस्ट • माध्यिका टेस्ट • कोल्मोगोरोव स्मिरनोव टेस्ट • मान-व्हिटनी-विलकॉक्सन U-परीक्षण |
| प्रतिदर्श सर्वेक्षण का अभिकल्पन (Design of Sample Survey) | • प्रतिचयन इकाई, फ्रेम, भिन्न • प्रतिस्थापन के साथ और बिना प्रतिस्थापन के प्रतिचयन • जनसंख्या प्राचल और नमूना आकलक • दक्षता, सटीकता और परिशुद्धता • प्रतिचयन/गैर-प्रतिचयन त्रुटियाँ • सरल, स्तरित, व्यवस्थित, गुच्छ, बहुचरणीय प्रतिचयन • अनुपात और समाश्रयण द्वारा आकलन |
| प्रयोगों का अभिकल्पन (Design of Experiments) | • एक-तरफ़ा और दो-तरफ़ा वर्गीकृत डेटा के लिए प्रसरण विश्लेषण • अभिकल्प के सिद्धांत • पूर्णतः यादृच्छिक, यादृच्छिक ब्लॉक, लैटिन स्क्वायर अभिकल्प • 2k तथ्यीय प्रयोग • स्प्लिट प्लॉट और स्ट्रिप प्लॉट अभिकल्प • BIBD, पूर्ण और आंशिक मिश्रण |
| काल श्रेणी विश्लेषण | • घटक • प्रवृत्ति • मौसमी, चक्रीय और अनियमित विविधताओं का मापन • कालद-चित्र (Periodogram) विश्लेषण |
| सूचकांक संख्या | • उपयोग, प्रकार और सीमाएँ • सरल और भारित समूहन विधि • औसत मूल्य सापेक्ष • शृंखला आधार सूचकांक संख्याएँ • आधार स्थानान्तरण, योजन और अपस्फीतिकरण • निर्वाह व्यय सूचकांक संख्याएँ |
| जनसंख्या सांख्यिकी (Vital Statistics) | • जनसंख्या सांख्यिकी का संग्रहण • मृत्यु दर, नियम, मेकेम का समंजन • प्रजनन दर • जीवन सारणी (किंग्स विधि) • जनसंख्या वृद्धि |
| भारत का सांख्यिकीय संगठन | • CSO • NSSO • राष्ट्रीय आय सांख्यिकी • जनसंख्या, कृषि, पशुधन जनगणना |
अर्थशास्त्र (Economics):-
| topics | विवरण |
|---|---|
| व्यष्टि अर्थशास्त्र | • उपभोक्ता व्यवहार—गणनावाचक और क्रमवाचक दृष्टिकोण • लोच की अवधारणा • उत्पादक संतुलन • पूर्ण प्रतिस्पर्धा, एकाधिकार, एकाधिकार प्रतिस्पर्धा में मूल्य निर्धारण • पेरेटो इष्टतम स्थितियाँ |
| समष्टि अर्थशास्त्र | • राष्ट्रीय आय और उसके मापन के तरीके • उपभोग और निवेश फलन • मुद्रा आपूर्ति, उच्च शक्ति मुद्रा और मुद्रा गुणक • केंद्रीय और वाणिज्यिक बैंक |
| लोक वित्त | • सरकार की भूमिका • निजी, सार्वजनिक और मेरिट वस्तुएँ • बाजार विफलता • बजटीय घाटे • जीएसटी (GST)—राजकोषीय सुधार |
| अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र | • भुगतान संतुलन का अर्थ और घटक • निर्यात और आयात रुझान • व्यापार की संरचना • हालिया विदेश व्यापार नीति |
| वृद्धि और विकास का अर्थशास्त्र | • वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक • गरीबी, आय की असमानता • मानव विकास सूचकांक (HDI) • सतत विकास |
| भारतीय अर्थव्यवस्था | • कृषि सुधार • हालिया औद्योगिक नीति • बेरोजगारी और गरीबी उन्मूलन योजनाएँ • उदारीकरण, वैश्वीकरण और निजीकरण का प्रभाव • मौद्रिक और राजकोषीय नीति • नीति आयोग • कोविड-19 का प्रभाव |
गणित (Mathematics):-
| topics | विवरण |
|---|---|
| बीजगणित (Algebra) | • मूलों और गुणांकों के बीच संबंध • दोहराए गए मूल • प्राथमिक सममित फलन • मैट्रिक्स का बीजगणित • मैट्रिक्स की कोटि (Rank) और सारणिक (Determinant) • आइगेन मान और आइगेन सदिश |
| कलन | • सीमाएँ • सतत फलन के गुणधर्म • अवकलनीयता • माध्य मान प्रमेय, टेलर प्रमेय • वक्रता, अनंतस्पर्शी • आंशिक अवकलन और अनुप्रयोग • दिक्संशोधन (Rectification), क्षेत्रकलन (Quadrature), आयतन और परिक्रमण की सतह |
| अवकल समीकरण | • प्रथम क्रम के रैखिक और गैर-रैखिक अवकल समीकरण • स्थिर गुणांक वाले रैखिक समीकरण • समघातीय समीकरण • प्रथम और द्वितीय क्रम के आंशिक अवकल समीकरण |
| सम्मिश्र विश्लेषण | • विश्लेषिक फलन • कॉशी रीमैन समीकरण • कॉशी प्रमेय • कॉशी समाकल सूत्र • घात श्रृंखला, लॉरेंट श्रृंखला • विलक्षणताएँ • बीटा-गामा फलन |
| विशेष फलन और समाकल रूपांतरण | • हाइपरज्यामितीय फलन • लेजेंड्रे बहुपद • बेसेल फलन • पुनरावृत्ति संबंध, लाम्बिक गुणधर्म और जनक फलन • लाप्लास रूपांतरण और व्युत्क्रम लाप्लास रूपांतरण |
आई.टी. के मूलभूत सिद्धांत और कंप्यूटर अनुप्रयोग-
| topics | विवरण |
|---|---|
| वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर | • मूलभूत ज्ञान • फॉर्मेटिंग • एलाइनमेंट • ग्राफ और चार्ट • हेडर और फुटर • विभिन्न टैब और विकल्प |
| स्प्रेडशीट | • मूल बातें • सेल का हेरफेर • सूत्र और फलन • स्प्रेडशीट का संपादन • स्प्रेडशीट का मुद्रण |
| प्रस्तुति सॉफ्टवेयर (Presentation Software) | • मूल बातें • टेम्पलेट • विज़ार्ड • स्लाइड शो • प्रस्तुति का निर्माण • विभिन्न टैब और विकल्प |
| अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर | • अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की मूल बातें |
| इंटरनेट और सुरक्षा | • इंटरनेट का मूल ज्ञान • इंटरनेट सुरक्षा • साइबर खतरों के प्रकार • डिजिटल हस्ताक्षर • सुरक्षित मुहरें • सुरक्षित ब्राउज़िंग |
| डिजिटल लेनदेन | • डिजिटल भुगतान और प्लेटफॉर्म • ऑनलाइन बैंकिंग • ऑनलाइन भुगतान के तरीके • मोबाइल वॉलेट • ई-कॉमर्स की मूल बातें |
| जीआईएस (GIS) | • जीआईएस (GIS) मूल बातें |
| ई-गवर्नेंस | • राजस्थान में ई-गवर्नेंस |
RPSC Statistical Officer Syllabus PDF In Hindi :-
यह भी पढ़े :-
RPSC Statistical Officer Syllabus In Hindi-FAQ-
आरपीसी सांख्यिकी अधिकारी परीक्षा का सिलेबस क्या है?
आरपीसी सांख्यिकी अधिकारी परीक्षा का सिलेबस पेपर में भाग- अ में राजस्थान सामान्य ज्ञान और भाग- ब में आपसे संबंधित विषय जैसे Statics, economics, maths and it Education विषय से संबधित प्रश्न पूछे जाते है.
आरपीसी सांख्यिकी अधिकारी का वेतन कितना होता है?
आरपीसी सांख्यिकी अधिकारी की सैलरी pay level- L-12, GRADE PAY- 4800 के अनुसार 68000- 140000/- तक सैलरी मिलती है.



निष्कर्ष –
इस लेख में हमने आपको RPSC Statistical Officer Syllabus In Hindi 2025 PDF के बारे में आपको ऊपर पहले तो हमने आपको RPSC Statistical Officer Exam pattern के बारे में बताया है फिर आपको सिलेबस को विस्तार से समझाया है.
इस पेपर के दो भाग होते है जिसमे एक पेपर में राजस्थान सामान्य ज्ञान और दुसरे भाग में आपसे संबंधित विषय जैसे Statics, economics, maths and it Education विषय से संबधित प्रश्न पूछे जाते है.
हम आशा करते है की हमारे द्वारा बताई हुयी डिटेल आपके समझ आगयी होगी यदि इस पोस्ट में कोई सुझाव देना है तो आप हमने नीचे कमेन्ट कर सकते है..
