इस पोस्ट में आपको UP TET Syllabus In Hindi 2026 PDF, यूपी टेट सिलेबस पीडीएफ, UP TET Exam Pattern के बारे में डिटेल में बताने वाले हैं
हाल ही में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा जारी की गई UP TET exam Date 2026- 2,3, 4 जुलाई 2026 के बीच होने वाली है तो आप यूपीटेट परीक्षा 2026 की तैयारी करना शुरू करें और नीचे से यूपीटेट सिलेबस पीडीएफ को डाउनलोड कर ले.
UP TET Exam pattern In Hindi –
नीचे हमने आपको UPTET Ka Syllabus And Exam Pattern के बारे में बताया है-
UP TET paper 1 exam pattern –
| क्र.सं. | विषय वस्तु | प्रश्नों की संख्या | अंक | परीक्षा समय |
|---|---|---|---|---|
| 1. | बाल विकास एवं शिक्षण विधि | 30 | 30 | |
| 2. | भाषा प्रथम (हिन्दी) | 30 | 30 | |
| 3. | भाषा द्वितीय (अंग्रेजी अथवा उर्दू अथवा संस्कृत में से कोई एक) | 30 | 30 | |
| 4. | गणित | 30 | 30 | |
| 5. | पर्यावरणीय अध्ययन | 30 | 30 | |
| कुल | 150 प्रश्न | 150 अंक | 2:30 घंटे |
- इस परीक्षा प्रश्न पत्र में MCQ वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होंगे।
- परीक्षा का पेपर I 150 अंकों का होगा.
- अभ्यर्थी को प्रश्न पत्र हल करने के लिए 2:30 घंटे का समय दिया जायेगा।
- इस परीक्षा में आपके द्वारा किसी प्रश्न का गलत उत्तर देने पर अंक नही काटा जायेगा.
UP TET paper 2 exam pattern –
| क्र.सं. | विषय सूची | प्रश्नों की सं. | अंक | परीक्षा समय |
|---|---|---|---|---|
| 1. | बाल विकास और शिक्षण विधि (अनिवार्य) | 30 | 30 | |
| 2. | भाषा I (हिन्दी) (अनिवार्य) | 30 | 30 | |
| 3. | भाषा II (अंग्रेजी अथवा उर्दू अथवा संस्कृत में से कोई एक) (अनिवार्य) | 30 | 30 | |
| 4. | (क) गणित एवं विज्ञान शिक्षक के लिए गणित/विज्ञान (ख) सामाजिक अध्ययन या सामाजिक विज्ञान शिक्षक के लिए सामाजिक अध्ययन (ग) अन्य किसी शिक्षक के लिए (क) अथवा (ख) कोई भी | 60 | 60 | |
| कुल | 150 | 150 | 2:30 घंटे |
- इस पेपर में MCQ वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होंगे।
- परीक्षा का पेपर 2 150 प्रश्न होंगे जो की 150 अंकों का होगा.
- इस पेपर हल करने के लिए अभ्यर्थी को 2:30 घंटे का समय दिया जायेगा।
- इस परीक्षा में आपके द्वारा किसी प्रश्न का गलत उत्तर देने पर अंक नही काटा जायेगा.
UP TET Syllabus In Hindi –
ऊपर पोस्ट की शुरुआत में हमने आपको UP TET Exam pattern के बारे में बताया है जिसमें दो पेपर होंगे और हमने दोनों पेपर के एग्जाम पैटर्न को आपके ऊपर बता दिया है.
अब आपको हम नीचे UP TET Syllabus In Hindi के बारे में डिटेल में बताने वाले हैं साथ के साथ नीचे UP TET Syllabus In Hindi 2026 PDF उपलब्ध कराने वाले हैं यदि इस पीडीएफ में किसी प्रकार की कोई शंका हो तो आप UPTET ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर भी चेक कर सकते हैं.
UP TET paper 1 Syllabus In Hindi –
इस भाग में हम आपको UP TET primary level Class 1-2 syllabus 2026 topic को नीचे आपको डिटेल में बताने वाले है –
पेपर I (कक्षा I से V के लिए) प्राथमिक स्तरः-
1- बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ – 30 प्रश्न
(क) विषय-वस्तु
बाल विकासः-
- बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र, बाल विकास की अवस्थाएं, शारीरिक विकास,
- मानसिक विकास, संवेगात्मक विकास, भाषा विकास- अभिव्यक्ति क्षमता का विकास,
- सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास।
- बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक- वंशानुक्रम, वातावरण
- (पारिवारिक, सामाजिक, विद्यालयीय, संचार माध्यम)।
सीखने का अर्थ तथा सिद्धान्तः-
- अधिगम (सीखने) का अर्थ, प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ।
- अधिगम के नियम- थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व।
- अधिगम के प्रमुख सिद्धान्त तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यावहारिक उपयोगिता,
- थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धान्त, पैवलव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धान्त,
- स्किनर का क्रिया-प्रसूत अधिगम सिद्धान्त, कोहलर का सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त,
- प्याजे का सिद्धान्त, व्योगोत्स्की का सिद्धान्त, सीखने का वक्र- अर्थ एवं प्रकार,
- सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं निराकरण।
शिक्षण एवं शिक्षण विधियाँः-
- शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, सम्प्रेषण, शिक्षण के सिद्धान्त, शिक्षण के सूत्र,
- शिक्षण प्रविधियाँ, शिक्षण की नवीन विधियाँ (उपागम), सूक्ष्म शिक्षण एवं
- शिक्षण के आधारभूत कौशल।
समावेशी शिक्षा – निर्देशन एवं परामर्शः-
- शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण यथा- अपवंचित वर्ग,
भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता
(दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं वाक्/अस्थिबाधित), मानसिक दक्षता। - समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी0एल0एम0 एवं अभिवृत्तियाँ।
- समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी।
- समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ, यथा- ब्रेललिपि आदि।
- समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श- अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र।
- परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थायें-
- मनोविज्ञानशाला उ0प्र0, प्रयागराज।
- मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र (मण्डल स्तर पर)।
- जिला चिकित्सालय।
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित डायट मेण्टर।
बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व
(ख) अधिगम और अध्यापनः-
- बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं; बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में
- कैसे और क्यों ‘असफल’ होते हैं।
- अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं; बालकों की अधिगम कार्यनीतियां;
- सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम; अधिगम के सामाजिक संदर्भ।
- एक समस्या समाधानकर्ता और एक “वैज्ञानिक अन्वेशक” के रूप में बालक।
- बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना; अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में
बालक की “त्रुटियों” को समझना।
- बोध और संवेदनाएं।
- प्रेरणा और अधिगम।
- अधिगम में योगदान देने वाले कारक – निजी एवं पर्यावरणीय।

II. भाषा – I
(क) हिन्दी (विषय-वस्तु) – 30 प्रश्न
- अपठित अनुच्छेद।
- हिन्दी वर्णमाला (स्वर, व्यंजन)।
- वर्णों के मेल से मात्रिक तथा अमात्रिक शब्दों की पहचान।
- वाक्य रचना।
- हिन्दी की सभी ध्वनियों के पारस्परिक अंतर की जानकारी विशेष रूप से –
ष, स, श, ब, व, ट, ड, ढ, ण तथा न की ध्वनियाँ। - हिन्दी भाषा की सभी ध्वनियों, वर्णों, अनुस्वार, अनुनासिक एवं चन्द्रबिन्दु में अन्तर।
- संयुक्ताक्षर एवं अनुनासिक ध्वनियों के प्रयोग से बने शब्द।
- सभी प्रकार की मात्राएँ।
- विराम चिह्न – अल्पविराम, अर्द्धविराम, पूर्णविराम, प्रश्नवाचक, विस्मयबोधक चिह्नों का प्रयोग।
- विलोम, समानार्थी, तुकान्त, अतुकान्त, समान ध्वनियों वाले शब्द।
- संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण के भेद।
- वचन, लिंग एवं काल।
- प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम, तद्भव एवं देशज शब्दों की पहचान एवं उनमें अन्तर।
- लोकोक्तियों एवं मुहावरों के अर्थ।
- सन्धि –
- (1) स्वर सन्धि – दीर्घ सन्धि, गुण सन्धि, वृद्धि सन्धि, यण् सन्धि, अयादि सन्धि।
- (2) व्यंजन सन्धि।
- (3) विसर्ग सन्धि।
- वाच्य, समास एवं अलंकार के भेद।
- कवियों एवं लेखकों की रचनाएँ।
(ख) भाषा विकास का अध्यापनः-
- अधिगम और अर्जन।
- भाषा अध्यापन के सिद्धांत।
- सुनने और बोलने की भूमिकाः भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के
- रूप में प्रयोग करते हैं।
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में
- व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श।
- एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियां और विकार।
- भाषा कौशल।
- भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना।
- अध्यापन–अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी
- संसाधन।
- उपचारात्मक अध्यापन।
III. भाषा – II (30 प्रश्न) ENGLISH
- Unseen Passage
- The Sentence
- (A) Subject and Predicate
- (B) Kinds of Sentences
- Parts of Speech
- Kinds of Noun
- Pronoun
- Adverb
- Adjective
- Verb
- Preposition
- Conjunction
- Tenses – Present, Past, Future
- Articles
- Punctuation
- Word Formation
- Active & Passive Voice
- Singular & Plural
- Gender
IV. गणित- 30 प्रश्न
- संख्याएँ एवं संख्याओं का जोड़, घटाना, गुणा, भाग।
- लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक।
- भिन्नों का जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग।
- दशमलव – जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग।
- ऐकिक नियम।
- प्रतिशत।
- लाभ-हानि।
- साधारण ब्याज।
- ज्यामिति – ज्यामितीय आकृतियाँ एवं पृष्ठ, कोण, त्रिभुज, वृत्त।
- धन (रूपया-पैसा)।
- मापन – समय, तौल, धारिता, लम्बाई एवं ताप।
- परिमिति (परिमाप) – त्रिभुज, आयत, वर्ग, चतुर्भुज।
- कैलेण्डर।
- आँकड़े।
- आयतन, धारिता – घन, घनाभ।
- क्षेत्रफल – आयत, वर्ग।
- रेलवे या बस समय-सारिणी।
- आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण एवं निरूपण।
(ख) अध्यापन संबंधी मुद्देः-
- गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति।
- बालक के चिंतन एवं तर्कशक्ति पैटर्नों तथा अर्थ निकालने और अधिगम की
कार्यनीतियों को समझना। - पाठ्यचर्या में गणित का स्थान।
- गणित की भाषा।
- सामुदायिक गणित।
- औपचारिक एवं अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन।
- शिक्षण की समस्याएं।
- त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू।
- नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण।
V. पर्यावरणीय अध्ययन (विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र एवं पर्यावरण)–
(क) विषय-वस्तुः – 30 प्रश्न
- परिवार।
- भोजन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता।
- आवास।
- पेड़-पौधे एवं जन्तु।
- हमारा परिवेश।
- मेला।
- स्थानीय पेशे से जुड़े व्यक्ति एवं व्यवसाय।
- यातायात एवं संचार।
- खेल एवं खेल भावना।
- भारत – नदियाँ, पर्वत, पठार, वन, यातायात, महाद्वीप एवं महासागर।
- हमारा प्रदेश – नदियाँ, पर्वत, पठार, वन, यातायात।
- संविधान।
- शासन व्यवस्था – स्थानीय स्वशासन, ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, जिला पंचायत,
- नगर पालिका, नगर निगम, जिला प्रशासन, प्रदेश की शासन व्यवस्था,
- व्यवस्थापिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका, राष्ट्रीय पर्व, राष्ट्रीय प्रतीक,
- मतदान, राष्ट्रीय एकता।
- पर्यावरण – आवश्यकता, महत्व एवं उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण,
- पर्यावरण के प्रति सामाजिक दायित्वबोध, पर्यावरण संरक्षण हेतु संचालित योजनाएँ।
(ख) अध्यापन संबंधी मुद्देः-
- पर्यावरणीय अध्ययन की अवधारणा और व्याप्ति।
- पर्यावरणीय अध्ययन का महत्व, एकीकृत पर्यावरणीय अध्ययन।
- पर्यावरणीय अध्ययन एवं पर्यावरणीय शिक्षा।
- अधिगम सिद्धांत।
- विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और संबंध।
- अवधारणा प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण।
- क्रियाकलाप।
- प्रयोग / व्यावहारिक कार्य।
- चर्चा।
- सतत् व्यापक मूल्यांकन।
- शिक्षण सामग्री / उपकरण।
UP TET paper 1 Syllabus In Hindi –
नीचे से आप uP TET primary level-1 syllabus PDF download कर सकते हो –
UP TET paper 2 Syllabus In Hindi –
पेपर I (कक्षा VI से VIII के लिए) उच्च प्राथमिक स्तरः-
नीचे से आप UP TET upper primary level-2 syllabus pdf प्राप्त कर सकते है जो की हमने नीचे ही यूपी टेट क्लास 6-8 के लिए सिलेबस टॉपिक दे रखे है तो इस पीडीऍफ़ में देख सकते है –
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निष्कर्ष –
इस पोस्ट में हमने आपको पोस्ट की शुरुआत में सबसे पहले UP TET Exam pattern के बारे में बतायाहै इसमें दो पेपर होते हैं और हमने दोनों के एग्जाम पैटर्न को आपको विस्तार से समझाया है.
उसके बाद हमने फिर आपको UPTET में होने वाले दोनों PAPER के सिलेबस को डिटेल में बताया है साथ के साथ हमने UP TET PAPER 1 syllabus In Hindi PDF और UP TET PAPER 1 syllabus In Hindi PDF को भी आपको प्रदान किया है.जिसे आप दी गई लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं.
इस पोस्ट में जो भी सिलेबस है और जो पीडीएफ है उसे हमने UPTET की ऑफिशल वेबसाइट से ही लिया है तो आप निसंकोच होकर इस सिलेबस से तैयारी कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए आप यूपी टेट ऑफिशल वेबसाइट भी चेक कर सकते हैं.
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