इसमें आपको UP Cane Supervisor Syllabus 2026 In Hindi PDF Download, यूपी गन्ना सुपरवाइजर सिलेबस पीडीऍफ़ हिंदी में, UPSSSC Cane Supervisor Exam Pattern & Selection Process इस पोस्ट में बताने वाले है.
हाल ही में UPSSSC Latest Vacancy Cane Supervisor- 1182 पदों पर ऑफिसियल notification जारी किया है तो यदि आप इस भर्ती की तैयारी कर रहे है तो फिर आपको हम नीचे इस पोस्ट में UPSSSC Cane Supervisor Syllabus pdf उपलब्ध कराने वाले है तो पोस्ट को अंत तक ज़रूर पढ़े.
UPSSSC Cane Supervisor Selection Process 2026:-
UP Cane Supervisor का selection 3 stages में होता है:
Stage 1 – PET (Preliminary Eligibility Test) – UPSSSC PET 2025 score के आधार पर candidates को shortlist किया जाता है — जिसमें vacancy की 15 गुना संख्या में अभ्यर्थियो को शामिल किया जाता है.
Stage 2 – UP गन्ना सुपरवाइजर Mains Exam– यही exam के marks पर ही मेरिट बनती है और भर्ती में चयन किया जाता है.
Stage 3 – Physical test (PMT/PET)
- Physical Measurement Test (PMT) — Height और Chest माप। Pass/Fail।
- Physical Efficiency Test (PET) — Running Pass/Fail।
Stage 4 –Medical Examination — Vision, Hearing, General Health। Pass/Fail।
- Document Verification —
- Final Merit और Appointment —

UP Cane Supervisor Exam pattern 2026:-
| भाग | विषय | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक | समयावधि |
|---|---|---|---|---|
| भाग-1 | i. फसल विज्ञान | 25 | 25 | |
| ii. जैव तकनीकी, पादप प्रजनन व क्रॉप-फिजियोलॉजी | 10 | 10 | ||
| iii. मृदा एवं जल प्रबन्धन | 15 | 15 | 120 मिनट (2 घण्टा) | |
| iv. कृषि प्रसार | 05 | 05 | ||
| v. कृषि अर्थशास्त्र एवं योजनायें | 05 | 05 | ||
| vi. पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान | 05 | 05 | ||
| भाग-2 | कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की अवधारणाओं एवं इस क्षेत्र में समसामयिक प्रौद्योगिकी विकास एवं नवाचार का ज्ञान | 15 | 15 | |
| भाग-3 | उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित सामान्य जानकारी | 20 | 20 | |
| योग | 100 | 100 |
UP Cane Supervisor Syllabus In Hindi 2026 :-
इस पोस्ट में हमने ऊपर आपको UPSSSC Cane Supervisor Selection Process 2026 के बे में डिटेल में समझाया है और उसके बाद UP Cane Supervisor Exam pattern 2026 के बारे में डिटेल में समझा चुके है तो अब हम नीचे आपको UPSSSC Cane Supervisor Syllabus 2026 pdf को नीचे डाउनलोड कर सकते हो.
भाग-1 कृषि और पशुपालन विज्ञान
1- फसल विज्ञान
● फसलों का वर्गीकरण, प्रदेश में उगाई जाने वाली प्रमुख खाद्यान्न, दलहनी, तिलहनी, मिलेट्स, रेशेदार, नगदी फसलें, मसाले एवं चारा वाली फसलें, फल, फूल एवं सब्जी तथा प्रमुख फसलों की खेती की उत्पादन तकनीक एवं शस्य क्रियायें।
● फसल कटाई उपरान्त उपज प्रबन्धन।
● फल एवं सब्जी का संरक्षण व प्रोसेसिंग।
● फसल चक्र के सिद्धान्त, फसल प्रणाली एवं खेती के प्रकार यथा-शुष्क कृषि, एकीकृत फसल प्रणाली, बहु फसली, अन्तः फसली, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती का महत्व एवं प्रकार, सामाजिक एवं आर्थिक उपयोगिता।
● बीज का महत्व, प्रकार एवं उत्पादन।
● बीज शोधन की विधियाँ एवं महत्व।
● कृषि रक्षा के सामान्य सिद्धान्त, उद्देश्य एवं इसका महत्व एवं उनमें प्रयोग होने वाले मुख्य उपकरण व रसायनों का नाम, एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन।
● प्रमुख फसलों के कीट एवं रोग तथा उसका प्रबन्धन।
● उपज भण्डारण की विधियाँ, सिद्धान्त तथा भण्डारण व उपज की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले कारक तथा उनका प्रबन्धन।
2- जैव तकनीकी, पादप प्रजनन व क्रॉप-फिजियोलॉजी
● जैव विज्ञान का कृषि में महत्व एवं उपयोगिता।
● आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन के सिद्धान्त, उपयोग एवं महत्व।
● प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, वाष्पोत्सर्जन, पौधों की संरचनाओं एवं मेटाबोलिज्म।
3- मृदा एवं जल प्रबन्धन
● मृदा के गुण, इसके अवयव, मृदा बनने की प्रक्रिया, मृदा अपरदन के प्रकार एवं इसकी रोकथाम के प्रभावी उपाय।
● मृदा में पाये जाने वाले आवश्यक पोषक तत्व, महत्व तथा कमी से होने वाले विकार।
● उर्वरकों का वर्गीकरण एवं पोषक तत्वों की मात्रा तथा उपयोग की विधियाँ।
● एकीकृत पोषक तत्व प्रबन्धन, जैव उर्वरक/जैविक खादों के प्रकार, महत्व एवं लाभ।
● मृदा सूक्ष्म जीव विज्ञान तथा इसकी प्रमुख भूमिका।
● मृदा सर्वेक्षण, मृदा नमूने लेने की विधि तथा मृदा संरक्षण तकनीकी।
● सिंचाई के साधन, विधियाँ तथा उनके लाभ।
● जल निकास (ड्रेनेज) की मूल अवधारण एवं विधियाँ।
● जल संचयन क्षेत्र प्रबन्धन (वाटरशेड मैनेजमेंट)।
● प्रदूषण के प्रकार एवं पर्यावरण संरक्षण।
4- कृषि प्रसार-
● कृषि प्रसार एवं ग्रामीण विकास के सिद्धान्त।
● प्रसार विधि-स्तर एवं दृश्य साधन, उनका वर्गीकरण, महत्व।
● प्रशिक्षण-लक्ष्य, महत्व एवं प्रकार।
● भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गयी विभिन्न ग्रामीण विकास एवं किसानों के उत्थान के लिए योजनाएं।
5- कृषि अर्थशास्त्र एवं योजनाएं
● वन ट्रिलियन इकोनॉमी हेतु उ०प्र० का कृषि कार्यों के माध्यम से योगदान।
● कृषि सम्बन्धी आर्थिक सूचनाएं।
● कृषि जिन्सों के आधार एवं विपणन की अवधारणा।
● कृषि की योजना निर्धारण।
● कृषि सांख्यिकी के सिद्धान्त।
● कृषि अर्थशास्त्र का सिद्धान्त एवं उपयोगिता।
● फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य।
● कृषि विपणन।
6- पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान
● पशुपालन में काम आने वाली पशुओं की विभिन्न किस्में, पोषक प्रबन्धन।
● पशु प्रजनन उद्देश्य एवं विधियाँ।
● दुग्ध उत्पादन एवं वितरण।
● कुक्कुट पालन एवं मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, रेशमकीट पालन।
● पशुओं की प्रमुख बीमार, लक्षण, निदान एवं उपचार।
भाग-2 कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की अवधारणाओं एवं समसामयिक प्रौद्योगिकी विकास एवं नवाचार का ज्ञान :-
● कम्प्यूटर, सूचना तकनीकी, इन्टरनेट एवं वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का इतिहास, परिचय एवं अनुप्रयोग।
● निम्नलिखित बिन्दुओं सम्बन्धी सामान्य ज्ञान
I. हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर
II. इनपुट एवं आउटपुट
III. इन्टरनेट प्रोटोकॉल/आई पी एड्रेस
IV. आई०टी० गैजेट एवं उनका अनुप्रयोग
V. ई-मेल आई डी को बनाना एवं ई-मेल का प्रयोग/संचालन
VI. प्रिन्टर, टैबलेट एवं मोबाइल का संचालन
VII. वर्ड प्रोसेसिंग (MS-Word) एवं एक्सेल प्रोसेसिंग (MS-Excel) के महत्वपूर्ण तत्व
VIII. ऑपरेटिंग सिस्टम, सोशल नेटवर्किंग, ई-गवर्नेंस
● डिजिटल वित्तीय उपकरण और अनुप्रयोग
● भविष्य के कौशल और साइबर सुरक्षा
● कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होने वाले तकनीकी विकास एवं नवाचार (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा प्रोसेसिंग, डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग, इन्टरनेट ऑफ थिंग्स) तथा इस क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ आदि।
भाग-3 उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित सामान्य जानकारी :-
- इस भाग के प्रश्न पत्र में इतिहास, संस्कृति, कला, वास्तुकला, त्यौहार, लोक नृत्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषायें, विरासत, सामाजिक परम्परायें एवं पर्यटन,
- भौगोलिक परिदृश्य एवं पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन, जलवायु, मृदा, वन, वन्यजीव, खान एवं खनिज, अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग, व्यापार एवं रोजगार, राजव्यवस्था,
- उत्तर प्रदेश का प्रशासन तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश राज्य की समसामयिक घटनाओं एवं उपलब्धियों आदि से सम्बन्धित प्रश्न अभ्यर्थियों से पूछे जायेंगे।
यह भी पढ़े :-


UP Cane Supervisor Syllabus FAQ-
यूपी गन्ना पर्यवेक्षक की सैलरी कितनी होती है?
इसकी सैलरी PAY LEVEL – L-4 के अनुसार 25000/- TO 81000/- तक मिलती है और शुरू में 7th pay cPC के अनुसार 35000-40000/- सैलरी मिल जाती है.
UPSSSC Cane supervisor ka syllabus?
इसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाते है प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है जिसे हल करने के लिए 2 घंटे का समय दिया जाता है.
यूपी गन्ना पर्यवेक्षक परीक्षा का पाठ्यक्रम क्या है?
यूपी गन्ना पर्यवेक्षक परीक्षा का सिलेबस में तीन विषय पर होता है जिसमे 1- भाग फसल और पशुपालन विज्ञान, भाग-2 कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की अवधारणाओं और भाग-3 उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित सामान्य जानकारी विषय से प्रश् पूछे जाते है.
निष्कर्ष :-
यदि आप यूपी गन्ना पर्यवेक्षक भर्ती में सिलेक्शन लेने के लिए 3 से 4 चरण को पास करना होगा जिसमें आपका एक mains exam होगा उसके बाद फिजिकल टेस्ट होगा और फिर मेडिकल टेस्ट करने के बाद मेरिट लिस्ट में आपका चयन किया जाएगा |
इस भर्ती में में एग्जाम को पास करने के लिए सिलेबस और एग्जाम पैटर्न के अनुसार तीन भाग दिए गए हैं जिसमें एक भाग में फसल और पशुपालन विज्ञान के प्रश्न पूछे जाएंगे.
दूसरे भाग में कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित पूछे जाएंगे और तीसरे भाग में उत्तर प्रदेश के सामान्य ज्ञान से प्रश्न पूछे जाने वाले हैं तो आप अपनी तैयारी इस प्रकार से करें.
यदि पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ के शेयर करें जो विभिन्न प्रकार की यूपी एसएससी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और यदि किसी प्रकार की कोई शिकायत हो तो आप हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर बता सकते हैं |
